
भगवान की कथा कहने वाले साधु संत की संगति ही है जो हमे और हमारी नई पीढी को एक अच्छा मार्ग दिखा सकते हैं। : राजकुमार मिश्र
भगवान की कथा कहने वाले साधु संत की संगति ही है जो हमे और हमारी नई पीढी को एक अच्छा मार्ग दिखा सकते हैं। : राजकुमार मिश्र
भगवान की कथा कहने वाले साधु संत की संगति ही है जो हमे और हमारी नई पीढी को एक अच्छा मार्ग दिखा सकते हैं। : राजकुमार मिश्र

हसनपुर प्रखंड के रामजानकी ठाकुरवाड़ी सकरपुरा में श्रीमद भागवत महापुराण की संगीतमय कथा में श्री धाम वृंदावन से आये हुए कथा वाचक राजकुमार मिश्र ने तीसरे दिन की कथा करते हुए बताया की कलयुग अपनी पूरी शक्ति और अपने संपूर्ण स्वरूप के साथ इन चार जगहों पर निवास करता है। पहला स्थान जो जुआ खेलता है उसके घर में , दूसरा स्थान जो मदिरा अर्थात शराब का पान करता है उसके घर में, तीसरा जो पराई स्त्री को गलत नजर से देखता है उसके घर में, एवं चतुर्थ स्थान जो मांस, मछली खाता है उसके घर में कलयुग का पूर्ण रूपेण वास होता है । इसलिए जो लोग ये नही चाहते हैं कि उनके घर मे कलयुग का निवास हो और घर में दरिद्रता के साथ साथ आये दिन आपस में वाद विवाद हो एवं आनेवाली व वर्तमान पीढी के ऊपर कलयुग का गलत प्रभाव पड़े एवं घर में किसी न किसी रूप मे अशांति बनी रहे वे लोग इन चार जगहों से बचें। महाराज जी ने बताया की जिस घर में कलयुग का वास होता है उस घर मे किया गया कोई भी धर्म कर्म फलीभूत नही होता है साथ ही कलयुग के प्रभाव से उस घर के लोग धर्म के प्रति समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भुला देते हैं।
इसलिए सब लोग इन चारों जगहों मे जाने से एवं इन चारों को अपने आपसे दूर रखने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से अपने आप को जोड़कर रखें, एक तरफ युवा पीढी के साथ सिनेमा जगत एवं सोशल मीडिया के द्वारा जो चरित्र में जहर घोलने का कार्य किया जा रहा है जगह जगह धर्मांतरण जैसे कुकृत्य किये जा रहे हैं ऐसे में भगवान की कथा कहने वाले साधु संत की संगति ही है जो हमे और हमारी नई पीढी को एक अच्छा मार्ग दिखा सकते हैं।
इस दौरान महंत रामकुमार दास, लाला बाबा, पवन किशोर राय, हेमंत राय समेत हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।



