
प्राकृतिक खेती बने जनआंदोलन, किसानों तक पहुंचे वैज्ञानिक और अधिकारी : विजय खेमका
प्राकृतिक खेती बने जनआंदोलन, किसानों तक पहुंचे वैज्ञानिक और अधिकारी : विजय खेमका
प्राकृतिक खेती बने जनआंदोलन, किसानों तक पहुंचे वैज्ञानिक और अधिकारी : विजय खेमका

जलालगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र में जिला स्तरीय कार्यशाला, किसानों की आय बढ़ाने और कम लागत वाली खेती पर जोर
पूर्णिया।
जलालगढ़ स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक विजय खेमका का जिला कृषि पदाधिकारी ने पौधा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में विधान पार्षद अनिल ठाकुर, भाजपा प्रभारी जिला अध्यक्ष संजीव तथा अन्य अतिथियों का स्वागत कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विधायक विजय खेमका ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती का सबसे बड़ा आधार किसान और कृषि क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को सीधा लाभ मिला है।
उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, उत्पादन लागत घटती है तथा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। विधायक ने कृषि विभाग के अधिकारियों, कृषि सलाहकारों, कृषि समन्वयकों और वैज्ञानिकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से गांवों और खेतों में जाकर किसानों से सीधा संवाद स्थापित करें।
उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध कराना विभागीय अधिकारियों और वैज्ञानिकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनकी सक्रियता से ही किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी।
विधायक ने अधिकारियों को किसानों की उपज के बेहतर विपणन, उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने समय पर खाद, बीज, कृषि यंत्र तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती से जुड़ी सामग्रियां निर्धारित सरकारी दरों पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानियों और कालाबाजारी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों और वैज्ञानिकों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाता है। केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कम लागत में अधिक उत्पादन सुनिश्चित करने तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विधायक ने किसानों से प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया तथा सफल आयोजन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र और जिला कृषि विभाग को धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में भाजपा नेता सकलदीप राजपाल, राजेश गोस्वामी, विनय साह, मनोज मोदी, सुनील सिंह, मुन्ना ठाकुर सहित बड़ी संख्या में किसान, कृषि सखियां एवं स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



