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स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रणनीतिक प्राथमिकताओं को दी नई धार; वैश्विक अस्थिरता के बीच बाजार में अपनी स्थिति और निरंतरता को किया मजबूत

स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रणनीतिक प्राथमिकताओं को दी नई धार; वैश्विक अस्थिरता के बीच बाजार में अपनी स्थिति और निरंतरता को किया मजबूत

स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रणनीतिक प्राथमिकताओं को दी नई धार; वैश्विक अस्थिरता के बीच बाजार में अपनी स्थिति और निरंतरता को किया मजबूत

नई दिल्ली, 8 जून 2026:* स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की मजबूत मोमेंटम को जारी रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की है। कंपनी कस्टमर एंगेजमेंट और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ वैल्यू-एडेड और विशेष इस्पात उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। इसके साथ ही, कंपनी अपनी क्षमता विस्तार योजनाओं के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो सरकार के ‘विकसित भारत @2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। यह कदम कंपनी द्वारा हाल ही में घोषित वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय परिणामों के बाद उठाया गया है।

उभरती वैश्विक अस्थिरता से उत्पन्न कई चुनौतियों के बावजूद, SAIL ने पिछले वर्ष की समान अवधि (CPLY) की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 में 11.75% की मजबूत एबिटडा (EBITDA) वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी के टैक्स के बाद लाभ (PAT) और टैक्स से पहले लाभ (PBT) में क्रमशः ~50% और ~44% की बढ़ोत्तरी हुई, और इसके साथ ही कंपनी ने पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले अपने कर्ज में 8,148 करोड़ रुपये की कमी की।

भविष्य के दृष्टिकोण पर टिप्पणी करते हुए, SAIL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. अशोक कुमार पंडा ने कहा: “वित्त वर्ष 2025-26 में हमारा प्रदर्शन विपणन (मार्केटिंग) पहलों, उत्पादन में सुधार, दक्षता लाभ और बेहतर वित्तीय रणनीतियों के संयुक्त प्रभाव को दर्शाता है, जिसने हमारे कारोबार (टॉप लाइन) और शुद्ध लाभ (बॉटम लाइन) दोनों को मजबूत किया है। कंपनी की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ है और मजबूत सिनर्जी के साथ, हम अपने वित्त वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आगे बढ़ते हुए, हमारा जोर ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करने, लागत अनुकूलन और भारत की बढ़ती बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) तथा औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेष स्टील्स के अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने पर रहेगा। इसके साथ ही, हम वर्किंग कैपिटल उधारी को कम करना जारी रखेंगे, जिसके कारण मुनाफे में उल्लेखनीय सुधार आने लगा है।”

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, SAIL ने कई ऐसी पहलें कीं जिससे उसकी प्रतिस्पर्धात्मकता और सुदृढ़ता में सुधार हुआ। इनमें रिटेल नेटवर्क का विस्तार, ग्राहकों तक पहुंच और डिलीवरी में नए प्रयोग, निर्यात व बाजार विविधीकरण, गोदामों (वेयरहाउस) का आधुनिकीकरण, उत्पाद श्रृंखलाओं में विविधता लाना, टेक्नो-इकोनॉमिक मापदंडों में सुधार और ब्रांड प्रमोशन शामिल रहे।

कंपनी ने और अधिक सस्टेनेबल स्टील निर्माता बनने और पर्यावरणीय लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए, कोक रेट, फ्यूल रेट, ब्लास्ट फर्नेस उत्पादकता और ऊर्जा की खपत जैसे तकनीकी और आर्थिक पैमानों में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, जो निरंतर प्रचालन उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। इसके साथ ही, कंपनी ने 28 नए प्रोडक्ट भी तैयार किए हैं। इससे कंपनी के उत्पादों की रेंज बढ़ी है और अलग-अलग ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने की उसकी क्षमता मजबूत हुई है। इन सभी उपायों ने मिलकर बाजार में कंपनी की स्थिति को सुदृढ़ किया और निरंतर विकास की नींव रखी। भविष्य में भी SAIL पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को अपनाने, मुनाफा बढ़ाने और सस्टेनेबल स्टीलमेकिंग के रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है

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