दिल्ली एवं एनसीआर

छिड़ी रात फूलों की बात महके जज्बात, तेरी यादों की छुअन मुझे जगाए सारी रात।

छिड़ी रात फूलों की बात महके जज्बात, तेरी यादों की छुअन मुझे जगाए सारी रात।

*महके जज्बात*

छिड़ी रात फूलों की बात महके जज्बात,

तेरी यादों की छुअन मुझे जगाए सारी रात।

अंबर से बरसे अनुरागी कण महके तनमन,

मुस्कुराए ये रात ये लम्हात,प्रेमिल है सौगात,

छिड़ी रात फूलों की बात महके जज्बात।

 

मेरे मन में मधुर मधुर एहसास जगाए,

हृदय में प्रेम रस घोले महकती फिजाएँ।

तेरी हर आहट दिल में अरमान जगाए।

भीगे तनमन प्रेमिल बूँदों की है बरसात।

छिड़ी रात फूलों की बात महके जज्बात।

 

भीगी भीगी है रात फूलों की है बारात,

साँसों में घुली खुशबू महके हैं जज्बात।

आँखों में सपने, ख्वाबों की है बरसात,

याद आई फिर वही पहली मुलाकात।

छिड़ी रात फूलों की बात महके जज्बात।

अनुपमा सिंह सोनी✍️

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button