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सिकटी विधानसभा सीट पर महागठबंधन की नजर, ई. मनोज झा को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी

सामाजिक और राजनीतिक छवि के दम पर महागठबंधन की उम्मीदों का केंद्र बने ई. मनोज झा

सीमांचल में असरदार हो सकता है किंगमेकर ई.मनोज का उम्मीदवार बनना

सिकटी विधानसभा सीट पर महागठबंधन की नजर, ई. मनोज झा को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी

सामाजिक और राजनीतिक छवि के दम पर महागठबंधन की उम्मीदों का केंद्र बने ई. मनोज झा

सीमांचल में असरदार हो सकता है किंगमेकर ई.मनोज का उम्मीदवार बनना

अररिया ।

सिकटी विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दबदबा पिछले कई वर्षों से कायम है, लेकिन आगामी विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की रणनीति इस सीट को हासिल करने की है। महागठबंधन इस बार ऐसे उम्मीदवार की तलाश कर रहा है, जो बीजेपी के मजबूत किले को चुनौती दे सके। इसी कड़ी में महागठबंधन की नजर वरीय समाजसेवी और सिकटी की राजनीति में किंग मेकर की भूमिका में रहने वाले प्रभावी शख्सियत ई. मनोज झा पर टिकी हुई है।

ई. मनोज झा, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे “फाइनेंस मिनिस्टर” के रूप में भी जाने जाते हैं, क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक तौर पर एक मजबूत पहचान बना चुके हैं। उनका राजनीतिक और सामाजिक नेटवर्क बेहद सशक्त है, और इस कारण वे महागठबंधन के लिए एक मजबूत उम्मीदवार साबित हो सकते हैं। इसके अलावा, उनका छोटा भाई डेढ़ुआ पंचायत से मुखिया हैं, जो इस परिवार की राजनीतिक ताकत को और बढ़ाता है।

महागठबंधन के रणनीतिकार मानते हैं कि अगर ई. मनोज झा को सिकटी से मैदान में उतारा जाता है, तो न केवल सिकटी, बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र में महागठबंधन को मजबूती मिल सकती है। सिकटी विधानसभा में ब्राह्मण और स्वर्ण जातियों सहित अतिपिछड़ा, अल्पसंख्यक, महादलित परिवारों के बीच महत्वपूर्ण पैठ और इन समुदायों में ई. मनोज झा का अच्छा प्रभाव है। इस तरह, उनका उम्मीदवार बनना महागठबंधन के लिए समीकरण को उनके पक्ष में मोड़ सकता है।

राजद के “ए टू जेड” सिद्धांत के तहत और महागठबंधन में शामिल कांग्रेस, वीआईपी तथा अन्य दलों के लिए ई. मनोज झा की उम्मीदवारी फायदेमंद साबित हो सकती है। उनका नाम महागठबंधन के नेताओं द्वारा स्वीकार किया जा सकता है, जिससे गठबंधन को सत्ता के समीकरण में और मजबूती मिलेगी।

विशेष रूप से, पिछले लोकसभा और विधानसभा, एमएलसी चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों के द्वारा एनडीए और इंडिया गठबंधन को जो नुकसान हुआ था, उसकी याद महागठबंधन को अभी भी ताजा है। ऐसे में, ई. मनोज झा की उम्मीदवारी महागठबंधन को चुनावी मुकाबले में एक बड़ा लाभ दे सकती है।

चुनावों में कुछ महीने तो बाकी हैं, लेकिन महागठबंधन के लिए यह समय निर्णायक होगा। यदि ई. मनोज झा को टिकट मिलता है, तो न केवल सिकटी, बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र में महागठबंधन को निर्णायक बढ़त मिल सकती है। खरमास के समापन के बाद महागठबंधन के दलों की नजरें इस अहम सीट पर एक मजबूत उम्मीदवार की तलाश में हैं, और यह संभव है कि ई. मनोज झा इस बार सिकटी विधानसभा सीट पर महागठबंधन का चेहरा बनें।

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